गोवर्धन पूजा विधि
गोवर्धन पूजा 2026 मंगलवार, 10 नवंबर को है; नई दिल्ली में प्रातःकाल मुहूर्त सुबह 6:40 – 8:50 IST।
पूजा मुहूर्त 2026
गोवर्धन पूजा 2026: मंगलवार, 10 नवंबर
| नई दिल्ली, 10 नवंबर | समय (IST) |
|---|---|
| प्रातःकाल मुहूर्त | सुबह 6:40 – 8:50 |
| सायंकाल मुहूर्त | 2026 में नहीं |
सामग्री सूची
- गोवर्धन पर्वत बनाने के लिए गोबर या मिट्टी
- फूल, रोली, चावल, धूप, दीया
- अभिषेक के लिए दूध, दही, शहद
- अन्नकूट के व्यंजन (अनेक शाकाहारी व्यंजन)
- मिठाई और फल
चरण-दर-चरण विधि
- पर्वत बनाएँ। आँगन में गोबर या मिट्टी से गोवर्धन बनाकर उसे फूलों से सजाएँ।
- पूजा। गोवर्धन और श्रीकृष्ण को रोली, चावल, फूल, दूध और दीपक अर्पित करें।
- अन्नकूट भोग। श्रीकृष्ण को अन्नकूट, यानी अनेक व्यंजनों का ढेर, अर्पित करें।
- परिक्रमा। जप करते हुए गोवर्धन की सात परिक्रमा करें।
- गो-पूजा और प्रसाद। गायों का सम्मान करें और अन्नकूट प्रसाद बाँटें।
मंत्र
गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक। विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रदो भव॥
आरती
श्रीकृष्ण या गोवर्धन आरती।
व्रत कथा
श्रीकृष्ण ने इंद्र की वर्षा से ब्रज को बचाने के लिए सात दिन तक गोवर्धन उठाए रखा।
क्या करें, क्या न करें
- इस वर्ष पूजा सुबह के मुहूर्त में करें।
- अन्नकूट सबके साथ बाँटें।
सभी समय नई दिल्ली के लिए IST में हैं। मुहूर्त आपके शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त से बदलता है: अपने स्थान का आज का पंचांग देखें। भारत के बाहर (अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और अन्य जगह) तारीख अलग हो सकती है; अपने स्थानीय पंचांग का उपयोग करें। स्रोत: Drik Panchang।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- गोवर्धन पूजा कैसे करें?
- सुबह के मुहूर्त में पर्वत बनाएँ, श्रीकृष्ण के साथ उसकी पूजा करें, अन्नकूट अर्पित करें, परिक्रमा करें और गायों का सम्मान करें।