धनतेरस पूजा विधि
धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को है; नई दिल्ली में पूजा मुहूर्त शाम 6:02 – 7:57 IST।
पूजा मुहूर्त 2026
धनतेरस 2026: शुक्रवार, 6 नवंबर
| नई दिल्ली, 6 नवंबर | समय (IST) |
|---|---|
| धनतेरस पूजा मुहूर्त | शाम 6:02 – 7:57 |
| प्रदोष काल (यम दीपम) | शाम 5:33 – रात 8:09 |
सामग्री सूची
- धन्वंतरि, कुबेर और लक्ष्मी-गणेश के चित्र या प्रतिमाएँ
- लाल कपड़ा और चौकी
- कलश और घी का दीपक
- रोली, चावल, फूल, धूप
- नया ख़रीदा बर्तन या सिक्का
- मिठाई और नैवेद्य
- यम दीपम के लिए सरसों के तेल वाला मिट्टी या आटे का चौमुखा दीया
चरण-दर-चरण विधि
- तैयारी। शाम को स्नान करें, साफ़ कपड़े पहनें और धन्वंतरि, कुबेर और लक्ष्मी-गणेश के साथ चौकी सजाएँ।
- संकल्प और गणेश पूजा। संकल्प लें और सबसे पहले गणेश की पूजा करें।
- धन्वंतरि पूजा। परिवार के स्वास्थ्य की प्रार्थना करते हुए धन्वंतरि को रोली, चावल, फूल, धूप, दीपक और नैवेद्य अर्पित करें।
- कुबेर और लक्ष्मी पूजा। कुबेर और लक्ष्मी की पूजा करें और नई ख़रीदी वस्तु को पूजा में रखें।
- यम दीपदान। चौमुखा दीया जलाकर मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखें।
- आरती। आरती करें और प्रसाद बाँटें।
मंत्र
ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये · ॐ कुबेराय नमः · ॐ महालक्ष्म्यै नमः
आरती
लक्ष्मी आरती (“ॐ जय लक्ष्मी माता”)।
क्या करें, क्या न करें
- त्रयोदशी तिथि रहते हुए धातु की वस्तुएँ ख़रीदें।
- यम का दीया दक्षिण दिशा की ओर जलाएँ।
- राहु काल में ख़रीदारी शुरू न करें।
सभी समय नई दिल्ली के लिए IST में हैं। मुहूर्त आपके शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त से बदलता है: अपने स्थान का आज का पंचांग देखें। भारत के बाहर (अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और अन्य जगह) तारीख अलग हो सकती है; अपने स्थानीय पंचांग का उपयोग करें। स्रोत: Drik Panchang।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- धनतेरस पूजा में क्या किया जाता है?
- शाम के प्रदोष मुहूर्त में धन्वंतरि, कुबेर और लक्ष्मी-गणेश की पूजा होती है और यम के लिए दीया जलाया जाता है।
- यम दीपदान कैसे करें?
- शाम ढलते समय सरसों के तेल का चौमुखा दीया जलाकर मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखें।