वट सावित्री व्रत 2026: अमावस्या और पूर्णिमा की तारीखें
वट सावित्री व्रत 2026 (उत्तर भारत) शनिवार, 16 मई 2026 को रखा गया। वट पूर्णिमा (महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक) सोमवार, 29 जून 2026 को थी।
वट सावित्री 2026 की तारीखें
वट सावित्री अमावस्या: शनि, 16 मई 2026 · वट पूर्णिमा: सोम, 29 जून 2026 (मनाई जा चुकी)
आपका परिवार कौन-सा कैलेंडर मानता है, इसके अनुसार वट सावित्री दो अलग दिनों पर रखा जाता है। उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली) के पूर्णिमांत कैलेंडर में यह ज्येष्ठ अमावस्या को पड़ता है; महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के अमांत क्षेत्रों में यह ज्येष्ठ पूर्णिमा को वट पूर्णिमा के रूप में होता है। 2026 में मई के मध्य से जून के मध्य तक अधिक (अतिरिक्त) ज्येष्ठ मास था, इसलिए इस वर्ष दोनों व्रतों में लगभग छह सप्ताह का अंतर रहा।
| व्रत | तारीख | तिथि (नई दिल्ली, IST) |
|---|---|---|
| वट सावित्री व्रत (अमावस्या) | शनि, 16 मई 2026 | अमावस्या सुबह 5:11 (16 मई) – रात 1:30 (17 मई) |
| वट पूर्णिमा व्रत | सोम, 29 जून 2026 | पूर्णिमा रात 3:06 (29 जून) – सुबह 5:26 (30 जून) |
शनि जयंती भी ज्येष्ठ अमावस्या, 16 मई 2026 को थी।
महत्व
यह व्रत सावित्री के सम्मान में है, जिन्होंने महाभारत के वृत्तांत के अनुसार यमराज का पीछा किया और अपनी भक्ति व बुद्धिमत्ता से पति सत्यवान का जीवन वापस पाया। विवाहित स्त्रियाँ व्रत रखकर वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं, जो दीर्घायु और त्रिमूर्ति से जुड़ा है, और पति की लंबी आयु व परिवार के कल्याण की प्रार्थना करती हैं।
व्रत विधि
- सूर्योदय से व्रत रखें; उत्सव के वस्त्र पहनें और पूजा सामग्री जुटाएँ: जल, रोली, चावल, फूल, भीगे चने, फल और कच्चा सूत।
- वट वृक्ष की पूजा करें, उसकी जड़ में जल चढ़ाएँ और परिक्रमा करते हुए तने पर कच्चा सूत लपेटें (अक्सर 7 या 108 बार)।
- सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें या पढ़ें और बड़ों का आशीर्वाद लें।
- पारिवारिक रीति के अनुसार, अक्सर भीगे चने और फल से, व्रत खोलें।
उन दिनों का पंचांग
16 मई 2026 का पंचांग · 29 जून 2026 का पंचांग (नई दिल्ली)।
वट सावित्री 2027
वट सावित्री व्रत 2027 शुक्रवार, 4 जून को और वट पूर्णिमा शुक्रवार, 18 जून 2027 को है।
संबंधित
सभी समय, जहाँ अलग से न लिखा हो, नई दिल्ली के लिए IST में हैं। मुहूर्त आपके शहर के सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय से बदलता है: अपने स्थान का आज का पंचांग देखें। भारत के बाहर तारीख अलग हो सकती है; अपने स्थानीय पंचांग का उपयोग करें। स्रोत: Drik Panchang (नई दिल्ली), Free Panchang की अपनी गणना (लाहिड़ी अयनांश) से मिलान किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- वट सावित्री व्रत 2026 कब था?
- उत्तर भारत में वट सावित्री व्रत 2026 शनिवार, 16 मई 2026 (ज्येष्ठ अमावस्या) को था।
- वट पूर्णिमा 2026 कब थी?
- महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में मनाई जाने वाली वट पूर्णिमा 2026 सोमवार, 29 जून 2026 को थी।
- 2026 में वट सावित्री की दोनों तारीखों में इतना अंतर क्यों था?
- 2026 में अधिक ज्येष्ठ मास था, जिससे ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून तक खिसक गई, जबकि उत्तर भारत की अमावस्या वाली तारीख 16 मई ही रही।