करवा चौथ पूजा विधि
करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है। पूजा मुहूर्त (नई दिल्ली): शाम 5:38 – 6:56 IST।
पूजा मुहूर्त 2026
करवा चौथ 2026: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
| नई दिल्ली, 29 अक्टूबर | समय (IST) |
|---|---|
| चतुर्थी तिथि | रात 1:06 – 10:09, 29 अक्टूबर |
| पूजा मुहूर्त | शाम 5:38 – 6:56 |
| व्रत (उपवास) | सूर्योदय, सुबह 6:31, से चंद्रोदय तक |
| चंद्रोदय | लगभग रात 8:12 – 8:17 |
पंचांगों में चंद्रोदय कुछ मिनट अलग होता है (Drik Panchang रात 8:17, Real Panchang रात 8:12), क्योंकि वे चंद्रोदय को अलग-अलग तरह से परिभाषित करते हैं; पश्चिमी शहरों में यह बाद में होता है (मुंबई में लगभग रात 8:56–9:00)। करवा चौथ 2027: सोमवार, 18 अक्टूबर 2027।
सामग्री सूची
- ढक्कन सहित करवा (टोंटी वाला मिट्टी या धातु का पात्र)
- अर्घ्य के लिए जल और कच्चा दूध
- छलनी और दीया
- रोली, सिंदूर, अक्षत (चावल), कलावा
- फूल, धूप, घी का दीपक
- शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय का चित्र या प्रतिमाएँ (या करवा माता का कैलेंडर)
- भोर से पहले के भोजन के लिए सरगी की चीज़ें
- मिठाई, फल, मठरी और सास के लिए बया (उपहार की थाली)
- श्रृंगार की चीज़ें (चूड़ियाँ, बिंदी, मेहँदी)
चरण-दर-चरण विधि
- सूर्योदय से पहले सरगी। सास की दी हुई सरगी सूर्योदय से पहले खाएँ, फिर पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत का संकल्प लें।
- पूजा स्थान तैयार करें। दोपहर में करवा माता के चित्र, शिव-पार्वती और गणेश के साथ चौकी सजाएँ; करवे में जल भरकर उसे ढक दें।
- मुहूर्त में शाम की पूजा। श्रृंगार करके पूजा मुहूर्त में पहले गणेश, फिर पार्वती (गौरी), शिव और कार्तिकेय की रोली, चावल, फूल, धूप और दीपक से पूजा करें।
- व्रत कथा सुनें। अन्य स्त्रियों के साथ बैठकर करवा चौथ की कथा सुनें या पढ़ें, और पारिवारिक परंपरा के अनुसार थालियाँ घुमाएँ (थाली फेरी)।
- बया दें। मिठाई, फल और उपहार की बया सास को दें और उनके चरण स्पर्श करें।
- चंद्रमा को अर्घ्य। चाँद निकलने पर करवे के जल से चंद्रमा को अर्घ्य दें, और जलते दीये के साथ छलनी से पहले चाँद, फिर पति को देखें।
- व्रत खोलें। पति आपको पानी का पहला घूँट और मिठाई का एक कौर देकर व्रत पूरा कराते हैं।
मंत्र
ॐ शिवायै नमः · ॐ नमः शिवाय · ॐ गं गणपतये नमः
कई स्त्रियाँ यह संकल्प भी बोलती हैं: “मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।”
आरती
पूजा के बाद घी के दीपक से गौरी या गणेश आरती (“जय गणेश देवा”) करें।
व्रत कथा
सात भाइयों की इकलौती बहन रानी वीरावती ने अपना पहला करवा चौथ व्रत रखा। उसकी भूख न देख पाने के कारण भाइयों ने पेड़ के पीछे दीपक रखकर उसे नकली चाँद दिखा दिया। उसने व्रत तोड़ दिया और जल्द ही उसे पता चला कि उसके पति की मृत्यु हो गई है। उसकी भक्ति से, और अगले वर्ष विधिपूर्वक व्रत रखने पर, पार्वती के आशीर्वाद से उसके पति को जीवन वापस मिल गया।
क्या करें, क्या न करें
- सूर्योदय से पहले सरगी खाएँ, और निर्जला व्रत तभी रखें जब स्वास्थ्य अनुमति दे।
- चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलें।
- परंपरा के अनुसार दिन में न सोएँ और कैंची-सुई जैसी नुकीली चीज़ों का उपयोग न करें।
- गर्भवती स्त्रियाँ और दवा लेने वाले डॉक्टर से सलाह लें; कई लोग इसकी जगह फलाहार व्रत रखते हैं।
सभी समय नई दिल्ली के लिए IST में हैं। मुहूर्त आपके शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त से बदलता है: अपने स्थान का आज का पंचांग देखें। भारत के बाहर (अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और अन्य जगह) तारीख अलग हो सकती है; अपने स्थानीय पंचांग का उपयोग करें। स्रोत: Drik Panchang, Real Panchang, Economic Times।
प्रिंट के लिए: इस विधि को रखने के लिए अपने ब्राउज़र का Print या “Save as PDF” विकल्प इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- करवा चौथ पूजा के लिए कौन-सी सामग्री चाहिए?
- जल भरा करवा, छलनी, दीया, रोली, सिंदूर, चावल, फूल, धूप, मिठाई, सास के लिए बया और करवा माता का चित्र या शिव-पार्वती की प्रतिमाएँ।
- घर पर करवा चौथ पूजा कैसे करें?
- सूर्योदय से पहले सरगी खाएँ, दिन भर व्रत रखें, शाम के मुहूर्त (नई दिल्ली में शाम 5:38 – 6:56) में गणेश और गौरी-शिव की पूजा करें, कथा सुनें, फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर छलनी से उसके दर्शन करें।
- करवा चौथ पर कौन-सा मंत्र जपें?
- आम मंत्र हैं पार्वती के लिए “ॐ शिवायै नमः”, “ॐ नमः शिवाय” और “ॐ गं गणपतये नमः”।
- क्या अविवाहित लड़कियाँ करवा चौथ रख सकती हैं?
- कई अविवाहित लड़कियाँ भावी जीवनसाथी के लिए व्रत रखती हैं; परंपराएँ अलग-अलग हैं, और कुछ चाँद की जगह तारे देखकर व्रत खोलती हैं। अपनी पारिवारिक परंपरा का पालन करें।
- क्या करवा चौथ पूजा विधि की PDF है?
- प्रिंट करने योग्य प्रति के लिए इस पेज पर अपने ब्राउज़र का Print या “Save as PDF” विकल्प इस्तेमाल करें।