पितृ पक्ष 2027: श्राद्ध तिथियाँ और महालया अमावस्या
पितृ पक्ष 2027 गुरुवार, 16 सितंबर 2027 को शुरू होगा (पूर्णिमा श्राद्ध 15 सितंबर) और बुधवार, 29 सितंबर 2027 को सर्व पितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा।
पितृ पक्ष 2027 की तारीखें
पितृ पक्ष 2027: 16 सितंबर – 29 सितंबर 2027
पितृ पक्ष (श्राद्ध, महालया पक्ष) पूर्णिमांत कैलेंडर में आश्विन का कृष्ण पक्ष (अमांत कैलेंडर में भाद्रपद) है, जो पितरों के सम्मान के लिए होता है। किसी व्यक्ति का श्राद्ध उसकी मृत्यु की तिथि को किया जाता है; सर्व पितृ अमावस्या सभी पितरों के लिए है, और उनके लिए भी जिनकी तिथि ज्ञात न हो या छूट गई हो।
श्राद्ध तिथियाँ 2027 (नई दिल्ली)
| तारीख | श्राद्ध |
|---|---|
| बुध, 15 सितंबर | पूर्णिमा श्राद्ध |
| गुरु, 16 सितंबर | प्रतिपदा श्राद्ध |
| शुक्र, 17 सितंबर | द्वितीया श्राद्ध |
| शनि, 18 सितंबर | तृतीया श्राद्ध |
| रवि, 19 सितंबर | चतुर्थी श्राद्ध |
| सोम, 20 सितंबर | पंचमी श्राद्ध; महा भरणी |
| मंगल, 21 सितंबर | षष्ठी श्राद्ध |
| बुध, 22 सितंबर | सप्तमी श्राद्ध |
| गुरु, 23 सितंबर | अष्टमी श्राद्ध |
| शुक्र, 24 सितंबर | नवमी श्राद्ध (मातृ नवमी) |
| शनि, 25 सितंबर | दशमी श्राद्ध |
| रवि, 26 सितंबर | एकादशी श्राद्ध (इंदिरा एकादशी) |
| सोम, 27 सितंबर | द्वादशी श्राद्ध; मघा श्राद्ध |
| मंगल, 28 सितंबर | त्रयोदशी और चतुर्दशी श्राद्ध |
| बुध, 29 सितंबर | सर्व पितृ अमावस्या (महालया अमावस्या) |
2027 में त्रयोदशी और चतुर्दशी श्राद्ध एक ही दिन हैं, क्योंकि चतुर्दशी 28 सितंबर दोपहर 1:54 बजे, श्राद्ध के अपराह्न काल में, शुरू हो जाती है। अमावस्या लगभग 29 सितंबर सुबह 10:55 से 30 सितंबर सुबह 8:05 तक है (नई दिल्ली, हमारी गणना)। तारीखें Drik Panchang के अनुसार हैं; कुछ कैलेंडर में एक दिन का अंतर हो सकता है, इसलिए अपना पंचांग देखें।
महत्व
हिंदू परंपरा के अनुसार इस पखवाड़े में पितर अपने वंशजों द्वारा दिए गए अर्पण को विशेष रूप से ग्रहण करते हैं। भोजन, जल और प्रार्थना अर्पित करना पूर्वजों के ऋण (पितृ ऋण) को चुकाने के रूप में देखा जाता है। बंगाल में महालया अमावस्या से देवी पक्ष शुरू होता है और दुर्गा पूजा की उलटी गिनती आरंभ होती है, जिसका स्वागत परंपरा से भोर में रेडियो पर महिषासुर मर्दिनी के पाठ से होता है।
पूजा-परंपराएँ
- तर्पण (काले तिल और कुश के साथ जल अर्पण) और पिंडदान करें, हो सके तो दोपहर के आसपास (कुतुप और रौहिण मुहूर्त)।
- ब्राह्मणों, गाय, कौओं, कुत्तों और ज़रूरतमंदों को भोजन कराएँ; परंपरा से कौओं को पितरों का संदेशवाहक मानकर भोजन दिया जाता है।
- कई लोग इस पखवाड़े में नई ख़रीदारी, विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ आरंभ टालते हैं।
- तीर्थयात्री गया, वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार और अन्य तीर्थों पर श्राद्ध करते हैं।
महालया का पंचांग
29 सितंबर 2027 का पंचांग (नई दिल्ली)।
पितृ पक्ष 2026
पितृ पक्ष 2026: 27 सितंबर – 10 अक्टूबर 2026 (बीत चुका)। मुहूर्त और तिथि के समय के लिए देखें: पितृ पक्ष 2026।
संबंधित
सभी समय, जहाँ अलग से न लिखा हो, नई दिल्ली के लिए IST में हैं। मुहूर्त आपके शहर के सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय से बदलता है: अपने स्थान का आज का पंचांग देखें। भारत के बाहर तारीख अलग हो सकती है; अपने स्थानीय पंचांग का उपयोग करें। स्रोत: Drik Panchang (नई दिल्ली), Free Panchang की अपनी गणना (लाहिड़ी अयनांश) और अन्य सार्वजनिक 2027 कैलेंडर (Astrolal, Panchang Darshan) से मिलान किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पितृ पक्ष 2027 कब से है?
- पितृ पक्ष 2027 गुरुवार, 16 सितंबर 2027 को प्रतिपदा श्राद्ध से शुरू होगा (पूर्णिमा श्राद्ध 15 सितंबर को है) और बुधवार, 29 सितंबर 2027 को समाप्त होगा।
- सर्व पितृ अमावस्या 2027 कब है?
- सर्व पितृ (महालया) अमावस्या 2027 बुधवार, 29 सितंबर 2027 को है।
- 2027 में कौन-से श्राद्ध एक ही दिन हैं?
- त्रयोदशी और चतुर्दशी श्राद्ध दोनों मंगलवार, 28 सितंबर 2027 को हैं।