मकर संक्रांति 2026: तारीख, पुण्य काल, लोहड़ी और पोंगल
मकर संक्रांति 2026 बुधवार, 14 जनवरी 2026 को मनाई गई। संक्रांति क्षण (नई दिल्ली): दोपहर 3:13 बजे (IST)। लोहड़ी मंगलवार, 13 जनवरी को थी।
मकर संक्रांति 2026 की तारीख और संक्रांति क्षण
मकर संक्रांति 2026: बुधवार, 14 जनवरी 2026 (मनाई जा चुकी)
मकर संक्रांति सूर्य के निरयन मकर राशि में प्रवेश का दिन है। 2026 में सूर्य ने 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे (IST) मकर राशि में प्रवेश किया, इसलिए संक्रांति, उसका पुण्य काल और थाई पोंगल, तीनों बुधवार, 14 जनवरी को पड़े। अधिकांश हिंदू त्योहारों के विपरीत संक्रांति सौर कैलेंडर से चलती है, इसीलिए यह लगभग हर साल 14 या 15 जनवरी को आती है। चंद्र कैलेंडर में यह दिन माघ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमांत) था, इसलिए 2026 में षटतिला एकादशी भी संक्रांति के दिन ही पड़ी।
पुण्य काल का समय (नई दिल्ली, 14 जनवरी 2026)
| काल | समय (IST) |
|---|---|
| संक्रांति क्षण | दोपहर 3:13 |
| पुण्य काल | दोपहर 3:13 – शाम 5:45 |
| महा पुण्य काल | दोपहर 3:13 – शाम 4:58 |
हमारी अपनी गणना में सूर्य का प्रवेश कुछ मिनट पहले (लगभग दोपहर 3:04) आता है; ऊपर दिए समय Drik Panchang के अनुसार हैं, जिसे अधिकांश परिवार मानते हैं। दोनों तरह से तारीख वही रहती है।
लोहड़ी, पोंगल और अन्य क्षेत्रीय नाम
- लोहड़ी (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली): मंगलवार, 13 जनवरी 2026, संक्रांति से पहले की शाम; अलाव जलाकर उसमें तिल, रेवड़ी, गजक और पॉपकॉर्न अर्पित किए जाते हैं।
- थाई पोंगल (तमिलनाडु): बुधवार, 14 जनवरी 2026, तमिल महीने थाई का पहला दिन। पोंगल चार दिन का त्योहार है: भोगी, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल और काणुम पोंगल।
- उत्तरायण (गुजरात) और मकर संक्रांति (महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश), जो पतंगबाज़ी और तिल-गुड़ की मिठाइयों के लिए जानी जाती है।
- माघ बिहू (असम), खिचड़ी (उत्तर प्रदेश, बिहार) और पौष संक्रांति (पश्चिम बंगाल)।
महत्व
परंपरा से मकर संक्रांति को उत्तरायण, यानी सूर्य की उत्तर दिशा की ओर यात्रा वाले आधे वर्ष, का आरंभ माना जाता है, और यह पूरे भारत में फ़सल का त्योहार भी है। पुण्य काल में गंगा, यमुना और प्रयाग संगम में स्नान तथा तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल और भोजन का दान विशेष पुण्यदायी माना जाता है।
परंपराएँ
- पुण्य काल से पहले या उसके दौरान, हो सके तो नदी में, स्नान करें और सूर्य को अर्घ्य दें।
- तिल, गुड़, चावल-दाल की खिचड़ी, गर्म कपड़े या कंबल दान करें।
- तिल-गुड़ के लड्डू, चिक्की, खिचड़ी या मीठा पोंगल खाएँ और बाँटें।
- गुजरात और राजस्थान में पतंग उड़ाएँ; पंजाब में पूर्व संध्या पर लोहड़ी का अलाव जलाएँ।
उस दिन का पंचांग
सूर्योदय, तिथि, नक्षत्र और राहु काल सहित पूरा विवरण: 14 जनवरी 2026 का पंचांग (नई दिल्ली)।
मकर संक्रांति 2027
अगली मकर संक्रांति शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को है, क्योंकि 14 जनवरी 2027 को सूर्य सूर्यास्त के बाद मकर राशि में प्रवेश करेगा।
संबंधित
सभी समय, जहाँ अलग से न लिखा हो, नई दिल्ली के लिए IST में हैं। मुहूर्त आपके शहर के सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय से बदलता है: अपने स्थान का आज का पंचांग देखें। भारत के बाहर तारीख अलग हो सकती है; अपने स्थानीय पंचांग का उपयोग करें। स्रोत: Drik Panchang (नई दिल्ली), Free Panchang की अपनी गणना (लाहिड़ी अयनांश) से मिलान किया गया; AstroSage 2026 त्योहार कैलेंडर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- मकर संक्रांति 2026 कब थी?
- मकर संक्रांति 2026 बुधवार, 14 जनवरी 2026 को थी। सूर्य ने दोपहर 3:13 बजे (IST, नई दिल्ली) मकर राशि में प्रवेश किया।
- लोहड़ी 2026 कब थी?
- लोहड़ी 2026 मंगलवार, 13 जनवरी 2026 को, मकर संक्रांति से पहले की शाम थी।
- 2026 में मकर संक्रांति का पुण्य काल क्या था?
- नई दिल्ली में 14 जनवरी 2026 को पुण्य काल दोपहर 3:13 – शाम 5:45 और महा पुण्य काल दोपहर 3:13 – शाम 4:58 बजे (IST) तक था।